... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

""When you buy it, you are promoting the literature of your country.""

ई-मेल में सूचनाएं, पत्रिका व कहानी पाने के लिये सब्स्क्राइब करें (यह निःशुल्क है)

ई-कल्पना कहानी कौन्टैस्ट के लिये 200 से अधिक कहानियाँ आईं. कहानियाँ शौर्टलिस्ट करने के दौरान यह स्पष्ट हो गया कि किसी एक कहानी को सबसे बेहतरीन चुनना अनुचित होगा. संक्षिप्त सूची में 12 कहानियाँ चुनी गईं. उन्हें छोटे ग्रुपों में बांट कर, लेखकों के नाम-रहित तीन बाहरी एवं बेहद सम्मानीय सम्पादक/लेखकों द्...

October 2, 2017

हमसे लगभग रोज़ाना पूछा जाता है कि ई-कल्पना-मैगज़ीन में प्रकाशित होने का क्राईटीरिया क्या है? 

हम भाषा शैली (लिटरैरी स्टाईल) और कथानक पर विशेष ध्यान देते हैं. ये दोनों बातें, कथानक में ट्विस्ट और भाषा, लेखक का बहुत समय लेती है. लेकिन अंत में वो मेहनत और समय कहानी पढ़ने में दिखलाई दे जाती है.

कथानक अकसर...

September 5, 2017

मुझे लगता था अनुभव का अभाव नौजवान लेखक को कहानियाँ कैसे सुझाएगा, लेकिन अचिंत पांडे की कहानी, “हम प्यार में तो नहीं हैं" पढ़कर आभास हुआ कि अच्छा लेखक जब कलम उठाता है तो एक क्लासिक की सम्भावना जगा ही डालता है. नौजवान जीवन में कभी मन की विकलता, कभी बेपरवाही, कभी हद दर्ज़े का आत्मविश्वास, कभी बेवजह कुंठ...

Please reload

eKalpana literary magazine

​​Contact & Social Media -

ekalpanasubmit@gmail.com

सभी रचनाएं
ekalpanasubmit@gmail.com पर भेजें
Please reload

Please reload