... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

""When you buy it, you are promoting the literature of your country.""

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बालक हमारे भविष्य का प्रतिनिधि है. आने वाले समाज का विवेक. इसलिए जरूरी है कि उसकी नैसर्गिक जिज्ञासा बनी रहे. उसके लिए किया क्या जाए? इसका उत्तर प्रायः हमारे पास नहीं होता. परंपरा और संस्कृति के दबाव में हम जो करते हैं, वह अकसर विपरीत परिणाम देने वाला होता है. शायद इसलिए कि हम बालक को जरूरत से ज्यादा...

शहर की हवा से बहुत पतली होती है गांव की हवा. और शायद हलकी भी. इसलिए कोई फुसकारी भी भरे तो वह गांव के इस कोने से उस कोने तक पार चली जाती है. औरतों और मर्दों को चर्चा के लिए गोलबंद करती हुई. बदलाव का रंग गांवों पर भी चढा है. जब से पक्के घर बनने शुरू हुए हैं, तब से गांव वालों ने भी बातों को कैद करके रख...

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