... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

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लगता है रात और उसका मेरे साथ कुछ ज्यादा ही बेहतर होता जा रहा है | जहाँ एक ओर आज की रात में ख़ामोशी की कमी है , वही आज तेज हवाएँ अपना मधुर संगीत गा रही थी | आज चांदनी चादर तो थी मगर झिलमिलाते तारे  नदारत | आप को छू कर गुज़रती यें हवाएं आपको किसी ख्वाब में ले जाने को आतुर थी ,  पर शायद आज मेरा साथ निभान...

यूँ ही कभी अकेले मे, 
 
 तनहाइयों के सहारे से,
 
 यादों के गलियारों मे,
 
में थोड़ा टहल आता हूँ,
 
बंद पड़े पुराने से किसी हिस्से मे, 
 
दो पल और बिता आता हूँ, 
 
दबी पड़ी किसी मटमैली फीकी किताब से


जिंदगी के हस्नुमा दो चार पन्ने, 
 
वापस दोहरा आता हूँ, 
 
यूँ ही कभी अकेले मे, 
 
 त...


 

ये सिर्फ यादें ही तो है ,

क्या हुवा अगर सताती है,

मगर पास तो वही रह जाती है,

ये सिर्फ यादें ही तो है ,

भूल जाने की फितरतो के बीच

खीच किस्सी किनारे की ओर,

बंद निगाहों से

ये बरसातो क दौर ,

ये सिर्फ यादें ही तो है ,

उनके अक्स को ,जेहन में जिन्दा रखे हुये

बोझिल मन की रौनक लिये

अब ये सिर्फ यादें ही तो है |

मोहित क...

अपनी अधूरी जिंदगी ले के,

 तुम्हारे पुरे ख्वाब चाहता हूँ ,

 मैं रुका तो दो पल था ,

 मगर साथ ता-उ-मर चाहता हूँ ,

 मैं अपनी अधूरी जिंदगी ले के

 तुम्हारे पुरे ख्वाब चाहता हूँ |

  ख़ुदगर्ज हूँ मैं

  ये भी जनता हूँ ,

 मगर फिर भी

 तुमसे ऐतराम पूरा मांगता हूँ ,

  मैं आज फिर से

 कोई पुकारे तो रुकना चाहता हूँ ,

 मैं अपनी...

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