चिड़िया की चहक वाली कॉल-बेल की आवाज़ मेरे मन में एक रस-सा घोल जाती थी - कोई आया  के शब्दों से मेरा अंतर भी चहक उठता था. ऐसा नहीं था की मुझे किसी विशेष का इंतज़ार होता हो. यह बेल तो बस घर की नीरवता को भंग करती थी. इसीलिए मुझे उसके चहकने का इंतज़ार रहता. घर में था ही कौन - मैं, पापा व हमारा पुराना नौकर र...

बाहर गहरा घना अँधेरा था - कुछ साफ़ दिख नहीं रहा था, पर गाड़ी की गति धीमी पड़ रही थी - लगता था  कोई स्टेशन आने वाला है. प्लेटफार्म पर पहुँचते-पहुँचते गाड़ी की गति इतनी धीमी हो गई थी कि उसके  रुकने का  अहसास तक नहीं हुआ. प्लेटफार्म पर दीये की तरह टिमटिमाते बल्ब की रौशनी में पेड़ों की लम्बी-लम्बी छायाएँ ही...

चिड़िया की चहक वाली कॉल बेल की आवाज़ मेरे मन में एक रस-सा घोल जाती थी - 'कोई आया' के शब्दों से मेरा अंतर भी चहक उठता था. ऐसा नहीं था की मुझे किसी विशेष का इंतज़ार होता हो. यह बेल तो बस घर की नीरवता को भंग करती थी. इसीलिए मुझे उसके चहकने का इंतज़ार रहता. घर में था ही कौन - मैं, पापा व हमारा पुराना नौकर र...

जब तक मैं आपके पास रही कभी भी अपने मन की बात आपसे नहीं कही. ऐसा नहीं था कि कहना चाहा नहीं, परंतु कह नही सकी. कहने का साहस ही नहीं हुआ. हर दूसरे-चौथे रोज़ मैं आपके घर जाती, आपसे बात करने का इरादा भी मैंने कई बार किया था, पर हर बार......

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