... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

""When you buy it, you are promoting the literature of your country.""

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फटे-पुराने चिथड़े कपड़े, काली होती चमड़ी, आंखों में कीचड, पैरों में बिवाइयां। उसका यही रूप था। वो एक भिखारी था जो रुपा के घर के बाहर खड़ा, आर्द्रस्वर में बार-बार, निरीह स्वर में कह रहा था, ‘‘माई ! कुछ खाने को दे दो। कई दिनों से भूखा हूं। तेरे बाल-बच्चे जिएं माई।’’ कहकर वो याचना भरी निगाहों से द्वार की ओ...

शहर के मध्य में स्थित एक मध्यमवर्गी कॉलोनी जिसमें अधिकतर नौकरपेशा रहवासी. कुल जमा १८५ मकान, छोटे-बड़े मिलकर, कुल जमा ३ पार्क, छोटे प्लाट, संकरी सड़कें किन्तु साफ़ सुथरा रहवास. कुल मिलाकर आधुनिकता की दौड़ में अग्रणी कॉलोनी. फिर भी लोग अपनी जड़ों को संभाले सहेजे हुए कहीं-कहीं गाय और बंधे कुत्ते भी घरों में...

मंगलू शाम को जब अपने झोपड़ीनुमा घर पर लौटा तो सामने रखे डिब्बे के ऊपर रखी एक चूड़ी देख चौक गया तुरंत ही आवेश पूर्ण शब्दों मे चीखा-

'बुधरी! ये चूड़ी कहाँ से आयी?'

बुधरी ने सहमी आवाज मे जवाब दिया -

' मैने इसे खरीदी है.'

' कितने रूपये में?'

' पचास रूपये में.'

पचास रुपये का नाम सुनते ही मंगलू का पारा साँतवें आसम...

सन 2068 – वैज्ञानिक प्रगति ने संसार को एक वैल-कनेक्टेड विश्व-नगरी में बदल दिया है

किताबें तो 2043 में छपी अंतिम पुस्तक के साथ डिजिटल युग के चरमोत्कर्ष पर ही समाप्त हो गई थीं। तब तक कुछ किताबें डिजिटल स्वरूप में प्राचीन-तकनीक वाले कम्प्यूटरों में रह गई थीं। लेकिन अब तो कम्प्यूटर होते ही नहीं। एक अति-त...

अस्पताल का प्रांगण -

दुखी, कष्टसाध्य और रुग्ण रोगी की लम्बी श्रंखला -

चिकित्सक कक्ष में जारी है जांच और सही जांच के द्वारा रोग की जड़ तक पहुँचने की जद्दोजहद.

तिस पर हरेक को शीघ्रता है कि जल्दी पाने डॉक्टर के पास  पहुंचू. रोगी की शीघ्रता है कि तुरंत उपचार शुरू हो और मैं दौड़ता हुआ अस्पताल से बाहर निकलूं,...

आज मेरे ओर तुम्हारे गठबंधन को 25 वर्ष पूरे हुए।

7 जून को 25 वर्ष पूर्व ही हम एकमत, एकसूत्र और एकसार हुए थे।
 

समय बीतता है या समय उड़ता जाता है.... समय ही कहता है कि प्रीतिकर हो तो वह उड़ जाता है।

जब हम 7 जून को एकाकार हुए तब एक पूर्णता की अनुभूति मन, मानस और मनस्वी को हुई थी, एक तृप्ति भाव पैदा हुआ था औ...

 गनपति चिंताग्रस्त खटिया पर लेटा था, उसके मस्तिष्क में बस यही चल रहा था कि कैसे गाँव के दबंगों से अपना खेत वापिस लिया जाये. बेचारा चौबीसों घंटे इसी चिंता में डूबा रहता है. सूखकर कांटा हो चुका है. तहसील प्रशासन के चक्कर लगा-लगाकर उसकीं टायर वाली चप्पल भी घिस गईं, पर कोई सकारात्मक कार्यवाही नहीं हुई....


पारसी धर्म में रक्त की पवित्रता पर बहुत ध्यान देते हैं यहां तक की वो शुद्ध रक्त ना मिलने पर रक्तदान अस्वीकार करके मौत तक चुन लेते हैं मगर रुश्दी इस से भी ज्यादा महत्व भावना की पवित्रता पर देती थी इसीलिए उसने अर्पण से विवाह किया था.परिवार की इच्छा के विपरीत विवाह हमेशा से संबंधों को चलाने का एक मानस...

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