कौन कहता है सिर्फ जंगे-मैदाँ की सरहदों पर वतन की हिफाज़त में जान देने वाले शहीद होते हैं. उनकी माएँ, बहनें व् पत्नियां जो घर बैठे आँखों के सूनेपन में भी आशाओं के झिलमिलाते दीप  जलाकर उनके लिए दुआएं मांगती हैं, हर रात के अंधियारे में मरती है, हर सुबह के उजाले में साँस लेती है, क्या वे वीरांगनाएँ उन उन...

ऐ भारत के अमर सपूतों तुम्हें नमन,

ऐ भारत के उद्धारक गण तुम्हे नमन ।।

...

August 15, 2017

स्वतंत्रता दिवस पर शुभकामनाएं!

माना कल की आशाओं के अनुरूप 

नहीं बन पाया है आज 

आज करें स्मरण कन्हैया का

उसका जन्म दिन भी है 

भीषण बरसात से, बादल फटने से 

गोकुल को बचाया था 

मिलजुल कर पर्वत उठाकर

हम भी मिलजुल कर 

स्वतंत्रता को सार्थक बनाएंगे 

प्रशस्त करेंगे पथ उत्कर्ष के  

....  ओम विकास  

Dr. Om Vikas

C-15...

हम

*

हम वही हैं,

यह न भूलो

झट उठो आकाश छू लो।

बता दो सारे जगत को

यह न भूलो

हम वही है।

*

हमारे दिल में पली थी

सरफरोशी की तमन्ना।

हमारी गर्दन कटी थी

किंतु

किंचित भी झुकी ना।

काँपते थे शत्रु सुनकर

नाम जिनका

हम वही हैं।

कारगिल देता गवाही

मर अमर

होते हमीं हैं।

*

इंकलाबों की करी जयकार

हमने फेंककर बम।

झूल फाँसी पर गये

लेकिन

न झुकन...

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