... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

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लगा, जैसे मैं जा रहा हूं ... वही कद ,वही काठी, चालढाल; सब वही. टेढ़ी गर्दन, उलझे बाल, लटके गाल, खुली पेंट, ढीला कोट, बढ़ा पेट, कन्धे पर लटका ख़ाली झोला, चाल वही मस्तमौला. उंगलियों पर कुछ गिनना, गर्दन का पैण्डुलम की तरह हिलना, उचक-उचक कर चलना, बार-बार हाथ मलना ... अरे! मैं ही तो हूँ.

कई बार वह अपने को...

वह पहली बार मेरे घर आया था. दुबला-पतला, स्याह रंग, धंसी हुई आँखें, उसके सिर पर बहुत तेल लगा था जिसके कारण वह पिचका हुआ-सा लग रहा था. कमरे के बाहर ही उसने अपनी पुरानी और टूटी-सी जूतियाँ उतार दीं और दोनों हाथ जोड़कर वह अंदर आ गया. मेरा बेटा रोहित स्कूल गया हुआ था और पति भी इस समय घर पर नहीं थे. मैंने...

मचलते बादल और कुचलते अरमानों से तबाही का जो मंज़र खड़ा हुआ उसे बयाँ नहीं किया जा सकता. क्योंकि तबाही को बयान करने में मन भी तबाह हो जाता है. और हम खाए-पीए, अघाए लोग मन में ख्वाहिशों का समन्दर तो समेट सकते हैं मगर तंज का एक कतरा भी हलक को छील देता है और आखें छलछला जाती हैं.

तीन दिन की लगातार मूसलाधार...

March 5, 2016

एयर-इंडिया की दिल्ली से सैन-फ़्रांसिस्को की उड़ान का ऑल-विमन क्रू. (कहानी पढ़िये )

कैप्टन क्षमता बाजपेयी और सभी विमन एविएटरों को हमारा कड़क सैल्यूट.

कैप्टन बाजपेयी के गौरवान्वित पति, हमारे सह-सम्पादक, श्री सुशील बाजपेयी को भी बधाई!!!

(hindustan times photo)

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