... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

""When you buy it, you are promoting the literature of your country.""

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ई-कल्पना की शुरुआत से हम हर अंक में मोहन राकेश की एक नारी-केंद्रित कहानी - क्लासिक कहानी  - प्रस्तुत कर रहे हैं. आगे कुछ अंक तक करते रहेंगे. इन कहानियों में औरत चाहे किसी भी तबके की हो, लेखक उसके अंदर की छटपटाहट प्रकट करने में सम्पूर्ण रूप से सफल रहे हैं, कभी उसकी आवाज़ बन कर, कभी उसके नज़रिये की झल...

    अचानक छोटे से रोशनदान से झरने की तरह एक लाट फूटी और कमरे के बीचोंबीच कोने तक फैल गई। कमरे में नीम अंधेरा था। रोशनी की बूंदें जममग चमकने लगीं। रोशनी के उस झरने में पानी की छोटी छोटी बूंदों की तरह अनेक धूल कण किलबिलाने लगे। धूल कणों को सजीव करती वह धूप की लाट जैसे कमरे में गड़ गई। पहले यहां कुछ दिख...

एन.सी.आर. यानी राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र जिसमें राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। जैसे ग़ाज़ियाबाद, रोहतक, गुड़गाँव, नोएडा आदि। जहाँ मानसून आने का समय जून का आख़िरी सप्ताह तय होता है। पिछले दो-चार सालों से न केवल मानसून का आगमन देर से हुआ बल्कि बारिश भी अपेक्षाकृत कम हुई। बहरहाल, य...

कार्येशु दासी,

करणेशु मंत्री,

भोजेशु माता,

शयनेशु रम्भा,

रूपेशु लक्ष्मी,

क्षम्येशु धरित्री,

षत धर्म-युक्त,

कुल धर्म पत्नी.

-नीति सार

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