... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

""When you buy it, you are promoting the literature of your country.""

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‘रंगरेज़ा रंग मेरा तन मेरा मन ले ले रंगाई चाहे तन चाहे , मन रंगरेज़ा रंग...’

ईयरफ़ोन से आती इस आवाज़ के साथ वो कब गुनगुनाने लगा था उसे पता ही न चला. अचानक उसे महसूस हुआ जैसे कोई दो जोड़ी आँखे उसी की ओर देख रही हैं. उसकी सीट के सामने खड़े दो लड़के उसे अबूझ निगाह से देख रहे थे. उन लड़कों के चेहर पे खिली मुस्कु...

दीवान पर पीठ के बल लेटा, दोनों पैरों को दीवार पर शीर्षासन जैसे ताने शिशिर नाटकीय अंदाज़ में अपनी पसंदीदा किताब धीमी आवाज़ में पढ़ा करता ...

...जिस्म की छुअन के बिना रूह की छुअन बेमानी है. इश्क पहाड़ के सबसे ऊँचे शिखर पर गिरती शफ्फाक चमकीली बर्फ है...अनछुई अद्भुत... सामने झील पर मंडराते परिंदों में अब कही...

मैं गली नं. तीन हूँ. दिल्ली के मोहल्लों की बहुत सारी गलियाँ नाम से नहीं संख्या से जानी जाती हैं. मैं पूर्वी दिल्ली के एक बड़े मोहल्ले लक्ष्मी नगर के एक बहुत छोटे उप-मोहल्ले कुन्दन-नगर की गली नं. 3 हूँ. यह मोहल्ला दो तरफ से बैंक एन्क्लेव से घिरा हुआ है. एक कोने में लवली पब्लिक स्कूल है तथा उसी से जुड़ा...

तू पगला गया है रे पुत्तन ... कुएं के किनारे नाले के बगल तू पेड़ लगाने चला है. यह नहीं होगा ... तू बेकार में परेशान हो रहा है. कुएं से पानी के छींटे उड़ कर पेड़ पर गिरते हैं. गंदगी पेड़ों को भी नहीं सुहाती. 

एक पौधे में नियमित पानी डालते देख मां मुझे कई बार इस तरह के उलाहने दे चुकी थी. लेकिन मुझे पर त...

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