... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

""When you buy it, you are promoting the literature of your country.""

घंटी फिर बजी. सोचा उठकर दरवाज़ा खोलूँ, पर शरीर की दुर्बलता आड़े आई. उठने की असफल कोशिश की, फिर लेट गई. तीन दिन से बुखार यूं चढ़ा है कि उतरने का नाम ही नहीं ले रहा है. घर के जितने दवा-दारू के नुस्खे थे, बदल-बदल कर आजमाएं, पर कुछ फायदा नहीं हुआ. सभी बेकार सिद्ध हुए. मुंह का ज़ायका भी बदल गया है. दिन में...

उसने अपना सामान जमाने में इतना ज़्यादा वक्त ले लिया कि सामने खड़ा बंदा बेचैन होने लगा. शायद अभी भी वह कुछ और कहना चाहता है. तुम जल्दी आ जाना … पहुँचते ही काल करना, वगैरह–वगैरह.

वह कनखियों से उन दोनों को देख रहा है. उस छरहरी सलवार सूट पहने लड़की सी दिखती औरत की बाहर खड़े व्यक्ति में कतई दिलचस्पी नहीं है,...

ऐंडिस पर्वतमाला के दामन में पतला फ़ीता सा पड़ा हुआ, शेष दुनिया से मुँह मोड़े, प्रशांत महासागर को निरंतर निहारता एक देश है जहाँ के लोग लगता है किसी स्वप्न-लोक में फंसे हैं. चिली!

सुंदर, सुघड़ शहर, शहर में बड़े पार्क, पार्कों में देर रात तक नागरिक हाथ में हाथ डाले, किताब पढ़ते या आपस में वार्तालाप करते...

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