... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

""When you buy it, you are promoting the literature of your country.""

September 29, 2017

भीड़ में कोई किसी को,लो रास्ता नहीं देता

एक तिनका डूबे को,आसरा नहीं देता

कहाँ ले जाओगे तुम ,अपनी उखड़ी साँसे

बीमार को तसल्ली, या हवा नहीं देता

मै चाहता उतार दूँ ,ये गुनाह के नकाब

ऊपर वाला दूसरा ,चेहरा नहीं देता

मिले शायद इनसे,पल दो पल की हंसी 

जीवन की मुस्कान .मसखरा नहीं देता

कितने चारागर से, मिल पूछा किये हम

...

मां दुर्गा के चरणों में मैं, अपना शीश झुकाता हूँ ।

तेरे दर पे आकर माता, श्रद्धा के फूल चढाता हूँ ।

कोई न हो जग में दुखी मां , तेरी कृपा बनी रहे ।

बस इसी आशा से मैं, लोगों को भजन सुनता हूँ ।

जिस पर तेरी कृपा पड़े मां , भाग्य बदल जाता है ।

पल भर में ही वह मानव , रंक से राजा बन जाता है ।

जहां जहां तक नजरें जा...

September 27, 2017

यहाँ का व्यक्ति विदेशी से पूछता है “आप यहाँ आकर क्या करते हैं ?”

“मैं शोध कर रहा हूँ |कई जानकारियां एकत्र करता हूँ |ऐसी ऐसी गोपनीय सूचनाएँ मुझे मिल जाती हैं जिनके बारे में स्थानीय नागरिक नहीं जानते ? ”

“अच्छा तभी आप लैपटॉप , कुछ डायरियां आदि लिए हुए हैं |किन्तु आप किसके लिए कर रहे है ?”

“जिस तरह आपको अ...

यूं तो आत्ममुग्धता अभिषेक के स्वभाव में कभी नही थी, पर अपने व्यक्तित्व की भव्यता से वो अनजान हो, ऐसा भी नही था।
एक ऐसा व्यक्तित्व, जिसमे, शालीनता,स्मार्टनेस,
खूबसूरती, सभी परिलक्षित होती।सोने में सुहागा ये कि व्यवहार कुशल और कार्य कुशल भी।
उनसे मिलने वाले उनसे प्रभावित हुए बिना न रह पाते।
उम्र यूं त...

September 22, 2017

घरोंदों में अभाव पकता है,

अभाव की चाशनी दिलों को जोड़ देती है ।

खून पसीना बहाकर घर बनता है,

पर फिर-

घर के कमरों सा दिल बंट जाता है।

घरोंदे का सुख

घर के किसी कोने में ,

अनचींहा,अनदेखा, अनजाना सा

रजकण बन रह जाता है

बिजूखा (Scare Crow ) बन

घर की ड्योड़ी पर चिपक जाता है,

किसी दिठौने की तरह।

2.6.06

urb1965@gmail.com

उस भगवान को मानना जो कभी दिखता नहीं ओर बार-2 यह सोचना कि एक दिन वह जरूर मिलेगा ये सोच कितने दिनों तक चल सकती है। पर अगर यह सोच हमेशा चले तो शायद वह भी मजबूर हो जाता है अपने भक्तों के पास आने के लिए, बहुत बार ऐसा हुआ जब मैंने उसे परखा। एक बार मैं मंदिर से दर्शन कर के बाहर निकल रहा था तभी एक भीखारी ने...

उस भगवान को मानना जो कभी दिखता नहीं ओर बार-2 यह सोचना कि एक दिन वह जरूर मिलेगा ये सोच कितने दिनों तक चल सकती है। पर अगर यह सोच हमेशा चले तो शायद वह भी मजबूर हो जाता है अपने भक्तों के पास आने के लिए, बहुत बार ऐसा हुआ जब मैंने उसे परखा। एक बार मैं मंदिर से दर्शन कर के बाहर निकल रहा था तभी एक भीखारी ने...

September 19, 2017

एक दिन मैंने सोचा आज कुछ काम नहीं है ,चलो भाई-चारा तलाशते हैं|अक्सर यही होता है जब आदमी बहुत फुरसत में हो तो कुछ परमार्थ की तरफ भटकता है|

परमार्थ यानी परलोक सुधरवाने का जिसे आसान रास्ता, शास्त्रो में कहा गया है|

मैंने अपनी तलाश के दौरान पाया कि शहर में दोनों चीज का एक साथ मिलना मुश्किल ही नहीं असंभव भ...

Please reload

Contact & Social Media -

ekalpanasubmit@gmail.com

Please reload