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रात का आखरी पहर बीत चला था । पौ फटने को है; लेकिन नज़र कुछ आता नहीं । धुंध इतनी ज्यादा है । और ठंड ? पूछो मत । मुख्य सड़क के किनारे के पेड़ और पत्थर भी मुश्किल से परछाई जैसे नज़र आते है । बस एक पुलिस की गाड़ी है जो सड़क पर धीरे धीरे रेंग रही है ।

"क्या मजबूरी है ।" वह बड़बड़ाता है, "कहाँ आ फसा हूँ । पता नहीं...

कठिन समस्या बना हुआ है
आज कन्यादान रूका हुआ है
दहेज - दानव अड़ा हुआ है
बेटी का पिता लाचार हुआ है

इच्छा से दान दिया जाता है
धर्म का काम किया जाता है
मांगना भीख कहलाता है
भीख निम्नश्रेणी में आता है

दान ग्रहण करो धर्म से


आगे बढ़ो अपने कर्म से
तकलीफ समझों मर्म से
नहीं तो मरना होगा शर्म से

आओ दहेज - दानव को...

                

कनिका ने घड़ी देखा रात के ग्यारह बज गये थे पर नितिन अभी तक नही आया था ,कनिका को चिन्ता होने लगी. नितिन उसकी आंखों का तारा था  क्षण भर भी उसे उदास देखना उन्हे गवारा न था।तभी द्वार की घंटी बजी ,कनिका दौड़ कर दरवा...


सच और झूंठ बताती आँखें |
शर्म - हया दिखाती आँखें ||

मर जाये आँख का पानी,
कठोर हृदय की पहचान कराती आँखें ||

प्यार - मुहब्बत की पहली सीढ़ी,
शुरूआत कराती आँखें ||

घड़ियाली आंसुओं से
बहुत दुःखी हो जाती आँखें ||

हृदय की तड़प से निकले आंसू,
अमृत बना देती आँखें ||

बड़ी मासूम होती आँखें |
सच और झूंठ बताती आँखें...

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