... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

""When you buy it, you are promoting the literature of your country.""

रात का आखरी पहर बीत चला था । पौ फटने को है; लेकिन नज़र कुछ आता नहीं । धुंध इतनी ज्यादा है । और ठंड ? पूछो मत । मुख्य सड़क के किनारे के पेड़ और पत्थर भी मुश्किल से परछाई जैसे नज़र आते है । बस एक पुलिस की गाड़ी है जो सड़क पर धीरे धीरे रेंग रही है ।

"क्या मजबूरी है ।" वह बड़बड़ाता है, "कहाँ आ फसा हूँ । पता नहीं...

कठिन समस्या बना हुआ है
आज कन्यादान रूका हुआ है
दहेज - दानव अड़ा हुआ है
बेटी का पिता लाचार हुआ है

इच्छा से दान दिया जाता है
धर्म का काम किया जाता है
मांगना भीख कहलाता है
भीख निम्नश्रेणी में आता है

दान ग्रहण करो धर्म से


आगे बढ़ो अपने कर्म से
तकलीफ समझों मर्म से
नहीं तो मरना होगा शर्म से

आओ दहेज - दानव को...

                

कनिका ने घड़ी देखा रात के ग्यारह बज गये थे पर नितिन अभी तक नही आया था ,कनिका को चिन्ता होने लगी. नितिन उसकी आंखों का तारा था  क्षण भर भी उसे उदास देखना उन्हे गवारा न था।तभी द्वार की घंटी बजी ,कनिका दौड़ कर दरवा...


सच और झूंठ बताती आँखें |
शर्म - हया दिखाती आँखें ||

मर जाये आँख का पानी,
कठोर हृदय की पहचान कराती आँखें ||

प्यार - मुहब्बत की पहली सीढ़ी,
शुरूआत कराती आँखें ||

घड़ियाली आंसुओं से
बहुत दुःखी हो जाती आँखें ||

हृदय की तड़प से निकले आंसू,
अमृत बना देती आँखें ||

बड़ी मासूम होती आँखें |
सच और झूंठ बताती आँखें...

सावधान रहिये सदा ,जब हों साधन हीन।

जाने कल फिर हो न हो,पैरों तले जमीन।।

#

अफवाहों के पैर में ,चुभी हुई जो कील ।

व्याकुल वही निकालने ,बैठ गया 'सुशील' ।।

#

अफवाहें मत यूँ उड़े ,करते लहू-लुहान ।

मंदिर सूना भजन बिन,मस्जिद बिना अजान ।।

#

मेरे घर में छा गया, मेरा ही आतंक ।

राजा से कब हो गया ,धीरे-धीरे रंक ।।

#

हाथ लगी...

एक चारपाई 
पर पड़े बिस्तर को 
इस तरह सहेज कर रखा है किसी ने 
जैसे बना दिया हो
कमरे में ही स्मारक कोई |

बिछी चादर 
पर पड़ी सिलवटें
सुना रहीं थी दास्ताँ 


किसी गुजरी 
सुनहरी चांदनी रात की |

दो आँखें 
ऐसी कातर नज़रों से 
एकटक निहार रही हैं
तकिये पर लगी 
लार की कुछ बूंदों के निशान !

जैसे 
अमृत की बूंदे 
गिर गय...

गूंज रही अम्बर में, भारत मॉ की जय -जय-जयकार |
इस पावनभूमि पर राम - कृष्ण ने लिया था अवतार ||

गाया-शेर होकर निर्भय यहॉ, एक घाट पर पीते थे पानी |
वीर भरत और एकलव्य की है, अमर - अनूठी कहानी ||

तुलसी, सूर-कबीरा के छंदों से है, अमिट पहचान हमारी |
मेरे भारतमाता की मिट्टी की खुशबू सौंधी - सौंधी प्यारी ||

गुरू...

अनुभव

मेडिकल कॉलेज के गर्ल्स हॉस्टल के सामने से एप्रन पहने 3 लड़कियां दौड़ पड़ी सड़क किनारे। सुबह के 9 बजने में कुछ ही मिनट बचे हैऔर मेडिकल कॉलेज की क्लास में पहुँचने में 10 मिनिट से कम नहीं लगेंगे। दौड़ पड़ी नवयौवना शिक्षार्थी क्योंकि आगे बैठने की जगह अब मिलेगी नहीं और सीढ़ीनुमा कक्षा के पिछले दरवाजे से घु...

Please reload

Contact & Social Media -

ekalpanasubmit@gmail.com

Please reload