... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

""When you buy it, you are promoting the literature of your country.""

"अंग्रेजी नववर्ष नहीं मनेगा....देश का धर्म नहीं बदलेगा..." जुलूस पूरे जोश में था| देखते ही मालूम हो रहा था कि उनका उद्देश्य देशप्रेम और स्वदेशी के प्रति जागरूकता फैलाना है| वहीँ से एक राष्ट्रभक्त गुज़र रहा था, जुलूस को देख कर वो भी उनके साथ मिल कर नारे लगाते हुए चलने लगा|


उसके साथ के दो व्य...

"चटाक....." ज़ोरदार तमाचे की आवाज़ से सन्नाटा तो गुंजायमान हो ही गया, साथ ही तमाचा पड़ने पर पेड़ के पीछे खड़े उस पन्द्रह साल के बच्चे के मुंह से सिगरेट दूर जा गिरी, लड़खड़ाते हुए उस बच्चे ने देखा कि वहीं फुटपाथ पर जूते पोलिश करने वाले लगभग उसी की उम्र के बच्चे ने उसे तमाचा लगाया था।

"अबे... क्यों मारा?" पहल...

एक बूढ़ा मदारी था उसके पास संपत्ति के नाम पर केवल एक बंदर था जिसे नचा कर मिलने वाले पैसों से वह अपना पेट पालता था। वह मदारी उस बंदर को अपने बेटे की तरह प्यार करता था। उसके खाने पीने और सुविधा का पूरा खयाल रखता था। वह उससे अपने सुख दुख की बातें भी करता था, जब कभी मदारी की आंखों से आंसू बहते तो वह बंदर...

आतंकवादियों से लड़ते समय शहीद हुए सैनिक के शव का जैसे ही गाँव के पास पहुँचने का सन्देश मिला, तो पूरे परिवार के सब्र का बाँध टूट गया। उसकी माँ और पत्नी कर क्रंदन हृदय विदारक था।

जब से उसकी शहादत का पता चला था, उसी समय से उसकी पत्नी उसकी तस्वीर को लेकर केवल रो ही रही थी। अपनी उस तस्वीर पर शहीद सैनिक ने...

मार्निग-वाक में डागी ‘सीसेंन’  को घुमाने का काम फिलहाल मेरे जिम्मे आ गया है |

रास्ते में दीगर कुत्तों से बचा के निकाल ले जाने का टिप, गणपत ने जरूर दिया था, मगर प्रेक्टिकल में तजुर्बा अलग होता है|

एक हाथ में डंडा,एक हाथ में पटटा पकडे, कुत्ते के बताए रास्ते में खुद खिचते चले जाओ| सामने आये दूसरी  नस्ल क...

उफ ! उस उद्वेलन के आवेग से बिनती अब तक उबर नहीं पा रही थी। साइड टेबल पर रखा साहित्य अकादमी का स्मृति चिन्ह मुंह चिढ़ाता हुआ मानो ठठा कर हंस रहा था। सोफे पर पड़े अलमस्त फूलों के बुकों की भीनी खुशबू सड़ांध मारती लग रही थी। एक ही झटके में शिशिर ने बिनती को क्षोभ, ग्लानि और अपमान के समंदर में डुबो कर रख...

देशभक्ति से ओतप्रोत एक समारोह से रात में लौटते हुए बेख्याली में उसकी कार किसी अनजाने रास्ते पर बढ़ने लगी, उसके दिमाग में यह स्वर गूँज रहा था, "शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले..." 

तभी उसे सड़क के बीचों-बीच कुछ दूरी पर लकड़ियों का एक ढेर जलता हुआ दिखाई दिया, उसने हड़बड़ाहट में कार रोकी और वहां जाकर...

नगर के नए विकसित होते इलाक़े में बनता एक अस्पताल.....

चारों ओर हरियाली, खुला मैदान, ठंडी हवा का अनथक दौर और मिट्टी की सोंधी खुशबू. 

चारों ओर गांवो से घिरा शहर का बाहरी हिस्सा जहां अंग्रेज़ी सभ्यता अपने पैर पसारती जा रही है।

अस्पताल का उदघाटन समारोह, चिकित्सा सेवा के व्यवसाय से जुड़े सभी नामचीन, बडे, छोटे...

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