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शंकर रोज की तरह उत्तेजित हाव-भाव दिखाता अचानक आया और पुताई कर रहे ओम और सोम को कदम ताल सी करते हुए फटकारने लगा -

‘‘ओम, इधर का दीवार पर ब्रस कब फेरेगा?  शाम तक कमरा फाइनल करना है.  फाइनल कर, फिर एक दफा और फाइनल कर.  इतवार तक काम फाइनल करो.  केसरवानी जी के बॅंगले में काम पकड़ना है.’’

फटकार...

June 21, 2018

उसकी देह से सटते ही, उसकी पीठ का ठंडापन मेरे सीने पर मुझे महसूस हुआ, उसकी कोमलता भी. उसकी गर्दन का पसीना मेरे होंठों पर लग गया. वह कसमसाती हुई सी मुस्कुराई. उसकी बाँहों ने खिड़की के लोहे के सींख़चे थामे हुए थे. वह पूरी नग्न नहीं थी.उसने कमर पर एक चादर बाँधी हुई थी. उसकी आँखें सामने मैदान को देख रही...

शिकारी के नाम से कुख्यात पुलिस अधिकारी, ए एस पी पांडे की अनुभवी आंखें गाड़ी से बाहर सड़क के दोनों ओर का निरीक्षण करने में व्यस्त थी। साथ मे उनका चहेता, उनका खास चेला इब्राहीम एक अच्छे शिष्य की तरह उनका अनुसरण कर रहा था। वह पांडे सर जैसा ही बनना चाहता था। पांडे सर उसका आदर्श थे। और पांडे सर भी उसे अपने...

लोलुप्सा का मन सागर गहरा, सुषुप्त रही आध्यात्म की गीता 
धूल भरी आँधी सा यौवन,  चट आया और पट था रीता 
तेरी-मेरी करता सब जन, मोह-माया के जाल में फंसता 
इच्छाओं की गठरी भारी,  कुंठाओं का आँगन बढ़ता 

पतझड़ में ज्यों पात हैं झड़ते, तैसे ही जीवन का ढलना 
बुद्धि के वृत  वातायन से, झाँक रहा अंतर का को...

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