... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

""When you buy it, you are promoting the literature of your country.""

शंकर रोज की तरह उत्तेजित हाव-भाव दिखाता अचानक आया और पुताई कर रहे ओम और सोम को कदम ताल सी करते हुए फटकारने लगा -

‘‘ओम, इधर का दीवार पर ब्रस कब फेरेगा?  शाम तक कमरा फाइनल करना है.  फाइनल कर, फिर एक दफा और फाइनल कर.  इतवार तक काम फाइनल करो.  केसरवानी जी के बॅंगले में काम पकड़ना है.’’

फटकार...

June 21, 2018

उसकी देह से सटते ही, उसकी पीठ का ठंडापन मेरे सीने पर मुझे महसूस हुआ, उसकी कोमलता भी. उसकी गर्दन का पसीना मेरे होंठों पर लग गया. वह कसमसाती हुई सी मुस्कुराई. उसकी बाँहों ने खिड़की के लोहे के सींख़चे थामे हुए थे. वह पूरी नग्न नहीं थी.उसने कमर पर एक चादर बाँधी हुई थी. उसकी आँखें सामने मैदान को देख रही...

शिकारी के नाम से कुख्यात पुलिस अधिकारी, ए एस पी पांडे की अनुभवी आंखें गाड़ी से बाहर सड़क के दोनों ओर का निरीक्षण करने में व्यस्त थी। साथ मे उनका चहेता, उनका खास चेला इब्राहीम एक अच्छे शिष्य की तरह उनका अनुसरण कर रहा था। वह पांडे सर जैसा ही बनना चाहता था। पांडे सर उसका आदर्श थे। और पांडे सर भी उसे अपने...

लोलुप्सा का मन सागर गहरा, सुषुप्त रही आध्यात्म की गीता 
धूल भरी आँधी सा यौवन,  चट आया और पट था रीता 
तेरी-मेरी करता सब जन, मोह-माया के जाल में फंसता 
इच्छाओं की गठरी भारी,  कुंठाओं का आँगन बढ़ता 

पतझड़ में ज्यों पात हैं झड़ते, तैसे ही जीवन का ढलना 
बुद्धि के वृत  वातायन से, झाँक रहा अंतर का को...

  

 मानवाधिकार वे नैसर्गिक, मूलभूत, सार्वजनिक, मौलिक अधिकार हैं, जो कहते हैं कि किसी भी मनुष्य को देश, नस्ल, जाति, धर्म, भाषा, लिंग, रंग के आधार पर समानता,  स्वतन्त्रता, सुरक्षा और सम्मान के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। समूचे विश्व में यह विषय उतना ही पुरातन है, जितना मनुष्य जीवन। धार्मिक...

आइसक्रीम से उसके होंठों का रंग गुलाबी से नारंगी हो जाता था। ये देखकर वैदिक के लिए उस सस्ती सी स्टिक वाली आरेंज की आइसक्रीम की वास्तविक कीमत लगा पाना मुश्किल हो जाता था। जैसे-जैसे आइसक्रीम का रंग फीका होता जाता उसके होठों का रंग और गाढ़ा होता जाता। घुटने के चोट के निशान के बाद आरेंज की आइसक्रीम ही थी...

Please reload

eKalpana literary magazine

​​Contact & Social Media -

ekalpanasubmit@gmail.com

Please reload

Please reload

लेखकों के लिये
ई-कल्पना जनवरी 2020 कहानी प्रतियोगिता के परिणाम घोषित हो चुके हैं.
पुरस्कार राशि -
प्रथम चुनी ₹ 3000
द्वितीय चुनी ₹ 2000
तीसरी चुनी कहानी ₹ 1000

 -
​​​सभी रचनाएं
ekalpanasubmit@gmail.com पर भेजें
प्रतियोगिता के अलावा हम ई-कल्पना ऑनलाईन पर चुनी हुई कविताएं, कहानियाँ और लेख भी प्रकाशित करते हैं. ये रचनाएं  भी काफी पढ़ी व सराही जाती हैं. आप अपनी कहानी या रचना ई-कल्पना ऑनलाईन के लिये भी भेज सकते हैं.