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वक्त भी कितना अजीब होता है...

ये उसको भी बदल देता है,

जो दिल के सबसे करीब होता है.

कभी बिन मांगे दे देता है सब कुछ,

कभी मांगकर भी कुछ न नसीब होता है.

वक्त भी कितना अजीब होता है...

दिन का उजाला हो या रात का अंधेरा,

हर घड़ी, हर पहर होता वक्त का पहरा,

जिसे चाहते हैं दिल से उसका अलग ही होता है रैनबसेरा,

इस रंग बद...

कुछ चेहरे होते हैं ऐसे जो नजरों से उतर जाते हैं,

बंदिशों की बेड़ियों की तरह दिल में घर कर जाते हैं.

भूलना चाहे मन उन्हें फिर भी जहन से मगर कहाँ जाते हैं,

नाम भी नहीं लेते उनका फिर भी नजरों के सामने आ ही जाते हैं.

कुछ चेहरे होते हैं ऐसे जो नजरों से उतर जाते हैं,

बंदिशों की बेड़ियों की तरह दिल में घर कर जाते...

वैज्ञानिक परेशान थे। यान दुल्हन की तरह सज धज कर चांद पर जाने को तैयार था, पर उन्हें यान में चांद पर किसे भेजा जाए, ऐसा महापुरुष ढूंढे नहीं मिल रहा था। उन्होंने उन देशों की सरकारों से भी संपर्क किया जिन्होंने अपने बंदे अपने यान में चांद पर भेजे थे। पर उन देशों की सरकारों ने हमारी तकनीकी पर अविश्वास क...

(ताटंक छंद)

देख रही है बैठी चिड़िया,  कैसे अब रह पायेंगे ।
काट रहे सब पेड़ों को तो , कैसे भोजन खायेंगे ।।

नहीं रही हरियाली अब तो , केवल ठूँठ सहारा है ।
भूख प्यास में तड़प रहे हम , कोई नहीं हमारा है ।।

काट दिये सब पेड़ों को तो , कैसे नीड़ बनायेंगे ।
उजड़ गया है घर भी अपना , बच्चे कहाँ सुलायेंगे ।।

चीं...

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