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September 29, 2019

वो भी खाने कमाने निकले 

सौ- सौ जिनके  ठिकाने निकले 

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हवा बदनाम वही करते जो  

लगा कर आग  बुझाने निकले 

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जितने सौदों में हाथ लगाते 

उनके कई फसाने निकले 

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रिदा अभी ये खूब चलेगी 

पैबन्द जरा लगाने निकले 

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नाकामी से वे क्या घिरते 

कामयाब घराने निकले 

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पांच साल की जिन्दा कौमे

गली-गली चिल्लाने निकले 

#

...

आसान है राजनीति उस पर,
जो किसी घटना में जाता है मर,
जिसने परिश्रम किया कस के कमर।

आसान है राजनीति उस पर,
जो किसी घटना में जाता है मर।

क्योंकि वो जिंदा होता अगर,
बताता क्यों ऐसी थी डगर ?
क्यों इतना भयावह था सफर ?
आपकी नीतियों का क्या था असर ?
क्यों सताती थी पेट भरने की फ़िकर?
मिलने जब भी गया आप नहीं...

आगरा | सॉल्ट एण्ड पेपर रेस्टोरेन्ट (आगरा) में मुकेश कुमार ऋषि वर्मा द्वारा रचित तीसरी काव्य पुस्तक - काव्यदीप का विमोचन शशि स्वरुप, एकता जैन, डॉ. शशीपाल वर्मा, अवधेश कुमार निषाद, राकेश वर्मा, मोहर सिंह आदि साहित्य - कला जगत से जुड़े प्रतिष्ठित महानुभावों के करकमलों से किया गया |

‘काव्य दीप’ रवीना प्र...

विश्व मैत्री मंच द्वारा आयोजित उज्बेकिस्तान की राजधानी ताशकंद के ग्रैंड प्लाज़ा सभागार में भारत ,अमेरिका तथा उज्बेकिस्तान देशों से आए 32 साहित्यकारों ने साहित्य के विभिन्न विषयों पर चर्चा विमर्श कर हिंदी को वैश्विक स्तर पर एक सूत्र में लाने का प्रयास किया।

विदेशी धरती पर माँ सरस्वती की फोटो पर माल्यार...

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