... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

""When you buy it, you are promoting the literature of your country.""

ई-मेल में सूचनाएं, पत्रिका व कहानी पाने के लिये सब्स्क्राइब करें (यह निःशुल्क है)

October 26, 2019

रोशन करो तुम इस जग को इतना 

कोई दर तिमिर से ढका रह न पाए 

 दीपों की माला सजे द्वार सबके  

 अँधेरा धरा पर कहीं रह न जाए 

स्नेह से पूरित हो जीवन की बाती 

द्वेषों की आँधी बुझाने न पाए 

सुरीली हो सरगम सुप्रीत इतनी 

वितृष्णा के स्वर इसमें मिलने न पाएं 

निर्मल हो यह मन नदिया के जैसे 

सागर सा ख़ारा यह...

जगमग रोशन हो हर घर

मिले नव आशा 

खील-बतासा 

दीपोत्सव का त्यौहार 

पावनपर्व दीपावली |

फसलों से महका है परिवेश 

कृषक भाग्य जगे 

नई उमंग, नई तरंग 

थोड़े से पटाखे 

बस थोड़ी सी आतिशबाजी 

दीपोत्सव का त्यौहार 

पावनपर्व दीपावली |

प्यार-स्नेह से मिलो गले 

बहे मंद-मंद शीतल समीर 

करो नव सृजन देती यही संदेश 

नूतन संकल्प लेकर मन...

भरोसे का आदमी ढूढते मुझे साढ़े सन्तावन साल गुजर गए|कोई मिलता नहीं | मार्निग वाक् वालो से मैंने चर्चा की वे कहने लगे यादव जी....  'लगे रहो'.... | उनके 'लगे-रहो' में मुझे मुन्ना-भाई का स्वाद आने लगा | मैंने सोचा गनपत हमेशा कटाक्ष में बोलता है | उसकी बातों के तह में किसी पहेली की तरह घुसना पड़ता है |
...

वरिष्ठ लेखिका सविता चड्ढा के सद्य: प्रकाशित लेख संग्रह   "पांव ज़मीन पर निगाह आसमान पर"  का भव्य लोकार्पण पंजाब केसरी सभागार में पंजाब केसरी की चेयरपर्सन किरण चोपड़ा द्वारा किया गया।इस अवसर पर दिल्ली एवं दिल्ली से  दूर स्थानों से लेखक ,साहित्यकार शामिल हुए। इस अवसर पर अश्वनी कुमार, स्वामी, संपादक और...

Please reload

eKalpana literary magazine

​​Contact & Social Media -

ekalpanasubmit@gmail.com

सभी रचनाएं
ekalpanasubmit@gmail.com पर भेजें
Please reload

Please reload