June 21, 2018

उसकी देह से सटते ही, उसकी पीठ का ठंडापन मेरे सीने पर मुझे महसूस हुआ, उसकी कोमलता भी. उसकी गर्दन का पसीना मेरे होंठों पर लग गया. वह कसमसाती हुई सी मुस्कुराई. उसकी बाँहों ने खिड़की के लोहे के सींख़चे थामे हुए थे. वह पूरी नग्न नहीं थी.उसने कमर पर एक चादर बाँधी हुई थी. उसकी आँखें सामने मैदान को देख रही...

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