इस शहर को लगी किस की नज़र है

सहमा सहमा सा सारा शहर है

मेट्रो दिल्ली की जान

सहमी सी सोती हुई 

बुदबुदाती हुई अंगड़ाई लेकर

जगने के इंतज़ार में,

युवा दौड़ते भागते कॉलेज जाते हुए

कब आएँगे इस इंतज़ार में? 

कॉलेज के कमरे ,

कैंटीन और सालाना मस्ती मेले,

वो मज़े से साथ साथ कविता

किताब पर बहस या अपने ही

हिसाब  की मस्ती वा...

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