विधा की रातों की नींद मानों उससे आईस्पाई खेल रही थी.कभी वह उठ कर बालकनी में टहलने लगती कभी बोतल से पानी पीती और कभी लेट कर जबरदस्ती आंखे बन्द कर सोने का प्रयास करती.पर नींद भी कम चतुर न थी उसके हाथ न आती.

तीसरी बार जब वह बिस्तर से उठी तो राजुल ने कहा ‘‘ सो जाओ यार क्यों दिमाग खराब कर रही हो ’’

विधा कै...

जनवरी 2020 में बहुत सारी कहानियाँ आईं. कुछ कहानियाँ जिनसे हमारी टीम बहुत प्रभावित हुई लेकिन आखिरी राउंड में आने से बालों-बाल रह गईं उन्हें हम आने वाले दिनों में प्रकाशित करेंगे. कहानियों व कहानीकारों के नाम इस प्रकार हैं -

  1. ईयर फोन - सक्षम द्विवेदी

  2. हुर्रे - अलका प्रमोद

  3. जंगल का नया कानून...

जुलाई 2019 की कहानी कौन्टैस्ट के बाद इस दूसरे कौन्टैस्ट में फिर बहुत सारी बढ़िया कहानियाँ आईं ... दिल्ली विश्वविद्यालय के दो प्रख्यात हस्तियों - डॉ सुकृता पॉल कुमार और डॉ हरीश नवल - और सेतु लिटरैरी पत्रिका के श्री अनुराग शर्मा ने शोर्टलिस्ट कहानियां पढ़ीं और श्रेणीबद्ध कीं. उनके हम बेहद आभारी हैं.

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कनिका ने घड़ी देखा रात के ग्यारह बज गये थे पर नितिन अभी तक नही आया था ,कनिका को चिन्ता होने लगी. नितिन उसकी आंखों का तारा था  क्षण भर भी उसे उदास देखना उन्हे गवारा न था।तभी द्वार की घंटी बजी ,कनिका दौड़ कर दरवा...

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कहानी भेजने की आखिरी तिथि 14 अक्टूबर 2020 है.

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