... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

""When you buy it, you are promoting the literature of your country.""

August 29, 2017

आज हम है कल तेरी बारी आजाने को,

तब लोग नही होंगे, यह बात बताने को।

हम अपनी शौहरत में मगरूर है,

नहीं मानते यह बात समझाने को।।

इन्सानियत ही धर्म है,

और क्या धर्म है बतलाने को।

पूरी-पूरी रात गरीबी में,

बहुत कम वस्त्रों में घूमती स्त्रियाँ देखी है हमने।

शोर क्यों मचाते हो,

शौहरत की खातिर दो कपङे उतारे जाने को।।

इ...

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