... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

""When you buy it, you are promoting the literature of your country.""

2017 में प्रकाशित डॉ. हंसा दीप का उपन्यास ‘बंद मुट्ठी’ बदलते समय में रिश्तों के नए समीकरण की बात करता है।  भूमंडलीकरण की बात पुरानी है, तब की, जब तान्या के पापा पूरा विश्व घूमें थे और फिर सिंगापुर को स्थायी निवास बना लिया था, जब लुधियाना, पंजाब के खन्ना अंकल कतर में रहते थे। ‘बंद मुट्ठी’ में सिंगापु...

  

 मानवाधिकार वे नैसर्गिक, मूलभूत, सार्वजनिक, मौलिक अधिकार हैं, जो कहते हैं कि किसी भी मनुष्य को देश, नस्ल, जाति, धर्म, भाषा, लिंग, रंग के आधार पर समानता,  स्वतन्त्रता, सुरक्षा और सम्मान के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। समूचे विश्व में यह विषय उतना ही पुरातन है, जितना मनुष्य जीवन। धार्मिक...

जन्म से लेकर किशोरावस्था तक की अवस्था को बचपन कहते हैं। इसे शैशवावस्था(0-3), प्रारम्भिक बचपन(3-7,8), मध्य बचपन, वय: संधि/ किशोरावस्था या फिर शैशवावस्था, बाल्यावस्था, किशोरावस्था आदि विकासात्मक चरणों में भी विभाजित किया गया है। बालिग होने की उम्र में बचपन का समापन होता है। यह उम्र अलग-अलग देशों में 1...

पिता शब्द संस्कृत के पितृ शब्द का मूल लिए है। पिता जैविक हो या पालनहार-बच्चों की सुरक्षा, सहायता, उत्तरदायित्व उसका कर्तव्य है। पिता संतान को अनुशासित भी रखता है और उसके साथ भावनात्मक रूप से भी जुड़ा होता है। सतान को आर्थिक संरक्षण देना, उत्तम गुणों से युक्त करना, उज्ज्वल भविष्य देना पिता का कर्तव्य...

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लेखकों के लिये
अब हम ई-कल्पना जनवरी 2020 कहानी प्रतियोगिता के लिये कहानियाँ स्वीकार कर रहे हैं. कहानियाँ 1500 से 6000 शब्द तक की हों. कहानियाँ 15 दिसम्बर 2019 तक स्वीकार की जाएँगीं.
पुरस्कार राशि -
प्रथम चुनी ₹ 3000
द्वितीय चुनी ₹ 2000