... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

""When you buy it, you are promoting the literature of your country.""

खुदी में, खुदी से, खुश रहना सिखा दिया मुझे 

मेरे हालातों ने जीने का मकसद बता दिया मुझे... 

के अब परवाह नहीं है दुनिया की मुझे

चाहे जो मर्जी कह ले वो, जो कहना है उसे. 

अपने हौसलों के बल पर मैं सब करके दिखा दूंगा 

जो दी है जमाने ने टीस मुझे 

उसी टीस के तिनकों से मैं अपना घर सजा लूंगा. 

खुदी में, खुदी से, खुश...

वक्त भी कितना अजीब होता है...

ये उसको भी बदल देता है,

जो दिल के सबसे करीब होता है.

कभी बिन मांगे दे देता है सब कुछ,

कभी मांगकर भी कुछ न नसीब होता है.

वक्त भी कितना अजीब होता है...

दिन का उजाला हो या रात का अंधेरा,

हर घड़ी, हर पहर होता वक्त का पहरा,

जिसे चाहते हैं दिल से उसका अलग ही होता है रैनबसेरा,

इस रंग बद...

कुछ चेहरे होते हैं ऐसे जो नजरों से उतर जाते हैं,

बंदिशों की बेड़ियों की तरह दिल में घर कर जाते हैं.

भूलना चाहे मन उन्हें फिर भी जहन से मगर कहाँ जाते हैं,

नाम भी नहीं लेते उनका फिर भी नजरों के सामने आ ही जाते हैं.

कुछ चेहरे होते हैं ऐसे जो नजरों से उतर जाते हैं,

बंदिशों की बेड़ियों की तरह दिल में घर कर जाते...

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