... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

""When you buy it, you are promoting the literature of your country.""

December 23, 2018

हर दिन जब मैं कॉमन गैराज में गाड़ी पार्क करता हूँ, अक्सर एक खिड़की पर जाकर मेरी नज़र टिक जाती है। वह खिड़की  हाउस नंबर 302 की रसोई या जिसे आज की भाषा में हम किचेन कहते हैं, की लगती है क्योंकि मुझे गैस का चूल्हा भी दिखाई पड़ता है। गैराज की सतह से किचन की सतह लगभग तीन सीढ़ी की ऊंचाई पर होगी इसलिए मुझे किचन...

गाँव से मेरी माँ आई है,

बड़ी मिन्नतों के बाद आई है,

बगल में गठरी आषीशों की,

गोंद के लड्डू में, प्यार लाई है,

मुद्दतों बाद माँ आई है,

गाँव से मेरी माँ आई है।

सरसों जम कर फूल रही है,

गेंहू की बाली.......  

मोटी होकर झूल गई है....

सुरसी गैया के छौना हो गया....

पूरे गाँव में दूध बंट गया....... 

छन्नू की अम्मा,...

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