... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

""When you buy it, you are promoting the literature of your country.""

हर्ष कुमार सेठ

स्नातक कला, राजनितिक विज्ञान, दिल्ली विश्वविद्यालय

मास्टर ऑफ आर्टस राजनितिक विज्ञान, दिल्ली:

10 वीं कक्षा तक नाटक में हिस्सा लिया और 12वीं कक्षा से अब तक बहुत की ग़ज़लें, कविताएँ और कहानियाँ लिखी हैं। प्रसारित कहानीयाँ और कविताएँ

साहित्यकुंज, इ-कल्पना, साहित्यासुधा 

अन्य :मैंने दूसरी कक्षा स...

शुभ दीपावली!!!

दीपावली के उपलक्ष्य में सुनिये हर्ष सेठ की कहानी "दीपावलि"

हर्ष कुमार सेठ

स्नातक कला, राजनितिक विज्ञान, दिल्ली विश्वविद्यालय

मास्टर ऑफ आर्टस राजनितिक विज्ञान, दिल्ली:

10 वीं कक्षा तक नाटक में हिस्सा लिया और 12वीं कक्षा से अब तक बहुत की ग़ज़लें, कविताएँ और कहानियाँ लिखी हैं। प्रसारित कहानीयाँ...

सुबह के 9 बजे थे मेरी बीबी ने मुझे झंझोर कर उठाया में अचानक उठने से घबरा गया, जैसे कोई करन्‍ट लगा हो। वह बोली पाँच बार नौकर ऊपर आकर तुम्‍हें जगाने की नाकाम कोशिश करके गया है, इसलिए उसे खुद ऊपर आना पढा़, आखिर आज दिवाली है। और बहुत सा समान बाजार से खरीदना है वह जल्‍दी ही तैयार हो गई थी और मेरी चाय मेर...

उस भगवान को मानना जो कभी दिखता नहीं ओर बार-2 यह सोचना कि एक दिन वह जरूर मिलेगा ये सोच कितने दिनों तक चल सकती है। पर अगर यह सोच हमेशा चले तो शायद वह भी मजबूर हो जाता है अपने भक्तों के पास आने के लिए, बहुत बार ऐसा हुआ जब मैंने उसे परखा। एक बार मैं मंदिर से दर्शन कर के बाहर निकल रहा था तभी एक भीखारी ने...

Please reload

Contact & Social Media -

ekalpanasubmit@gmail.com

Please reload