• अनुराग शर्मा

गंजा

वह छठी कक्षा से मेरे साथ पढ़ता था। हमेशा प्रथम आता था। फिर भी सारा कॉलेज उसे सनकी मानता था। एक प्रोफैसर ने एक बार उसे रजिस्टर्ड पागल भी कहा था। कभी बिना मूंछों की दाढ़ी रख लेता था तो कभी मक्खी छाप मूंछें। तरह-तरह के टोप-टोपी पहनना भी उसके शौक में शुमार था।

बहुत पुराना परिचय होते हुए भी मुझे उससे कोई खास लगाव नहीं था। सच तो यह है कि उसके प्रति अपनी नापसन्दगी मैं कठिनाई से ही छिपा पाता था। पिछले कुछ दिनों से वह किस्म-किस्म की पगड़ियाँ पहने दिख रहा था। लेकिन तब तो हद ही हो गयी जब कक्षा में वह अपना सिर घुटाये हुए दिखा।

प्रशांत ने चिढ़कर कहा, “सर तो आदमी तभी घुटाता है जब जूँ पड़ जाएँ या तब जब बाप मर जाये।“ वह उठकर कक्षा से बाहर आ गया। जीवन में पहली बार वह मुझे उदास दिखा। प्रशांत की बात मुझे भी बुरी लगी थी सो उसे झिड़ककर मैं भी बाहर आया। उसकी आँख में आंसू थे। उसकी पीड़ा कम करने के उद्देश्य से मैंने कहा, “कुछ लोगों को बात करने का सलीका ही नहीं होता है। उनकी बात पर ध्यान मत दो।“

उसने आंसू पोंछे, तो मैंने मज़ाक करते हुए कहा-“वैसे बुरा मत मानना बाल बढ़ा लो, सिर मुंडवा कर पूरे कैंसर के मरीज़ लग रहे हो।“

मेरी बात सुनकर वह मुस्कराया। हम दोनों ठठाकर हंस पड़े। आज उसका सैंतालीसवाँ जन्मदिन है। सर घुटाने के बाद भी कुछ महीने तक मुस्कुराकर कैंसर से लड़ा था वह।

महात्मा गांधी संस्थान, मॉरिशस द्वारा स्थापित प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय द्वैवार्षिक पुरस्कार ‘आप्रवासी हिंदी साहित्य सृजन सम्मान’ के प्रथम विजेता अनुराग शर्मा एक लेखक, सम्पादक, किस्सागो, कवि और विचारक हैं। ‘आनंद ही आनंद’ संस्था द्वारा उन्हें 2015-16 का ‘राष्ट्रीय भाष्य गौरव सम्मान’ प्रदान किया गया था। विश्व हिंदी सचिवालय की एकांकी प्रतियोगिता में उन्हें पुरस्कार मिल चुका है। हिंदी लेखकों की वैश्विक ‘राही’ रैंकिंग में उनका चालीसवाँ स्थान है।

आईटी प्रबंधन में स्नातकोत्तर अनुराग पिट्सबर्ग के एक संस्थान में अहिंदीभाषी छात्रों को हिंदी का प्रशिक्षण देते हैं। वे हिंदी तथा अंग्रेज़ी में प्रकाशित मासिक पत्रिका सेतु (ISSN 2475-1359) के संस्थापक, प्रकाशक तथा प्रमुख सम्पादक हैं। वे रेडियो प्लेबैक इंडिया के सह संस्थापक, तथा पिटरेडियो के संस्थापक हैं।

प्रकाशित कृतियाँ

अनुरागी मन (कथा संग्रह); देशांतर (काव्य संकलन); एसर्बिक ऐंथॉलॉजी (अंग्रेज़ी काव्य संकलन); पतझड सावन वसंत बहार (काव्य संग्रह); इंडिया ऐज़ ऐन आय टी सुपरपॉवर (अध्ययन); विनोबा भावे के गीता प्रवचन की ऑडियोबुक; सुनो कहानी ऑडियोबुक (प्रेमचन्द की कहानियाँ); हिन्दी समय पर कहानियाँ; तकनीक सम्बन्धी शोधपत्र, कवितायें, कहानियाँ, साक्षात्कार, तथा आलेख अंतर्जाल पर, पत्रिकाओं व हिन्दी समाचार पत्रों में प्रकाशित

सम्पर्क - indiasmart@gmail.com

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