... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

""When you buy it, you are promoting the literature of your country.""

इस सीज़न की हमारी पहली ऑडियो-कहानी : "रिवाज़"

"... लेकिन रास्ते भर लहुलुहान करती रही उन बेतुकों रिवाजों की सुई जिसकी धार महिलाओं की तरफ़ ही होती है ..."

 

मीना गोदरे की कहानी जिसमें रिवाज़ की आड़ में महिलाओं की व्यवहारिक जीवनशैली व प्रगति सबसे ज़्यादा मार खाती है.

लेखक परिचय

 

नाम --  मीना गोदरे "अवनि"

सम्पर्क ई-मेल meenagodre@gmail.com
शिक्षा --एम. ए .अर्थशास्ञ  ,संस्कृत इन डिप्लोमा ,एन.सी सी कैडेट कोर्स सागर विश्वविद्यालय,
धार्मिक शिक्षा --प्रथम भाग से लेकर रत्नकरंड श्रावकाचार एवं मोक्ष मार्ग तक की विधिवत शिक्षा, परीक्षाएं उत्तीर्ण एवं अन्य शास्त्र अध्ययन

सामाजिक गतिविधियां --लगभद २० वर्षों से  समाज सेवा के कार्यों में संलग्न रही ,         पूर्व अध्यक्ष ----रोटरी इनरव्हील इंटरनेशनल क्लब, ,अखिल भारतीय दिगंबर जैन महिला परिषद शाखा सागर,   सद्भावना महिला मंडल सागर ,
पूर्व प्रांतीय संपादक अखिल भारतीय दिगंबर जैन महिला परिषद

संस्थापक-- सद्भावना महिला मंडलसागर

वर्तमान पद --प्रांतीय सह सचिव अ.भा.दि. जैन परिषद,  सह संपादक-- सागर पञिका जे .एम. डी.पब्लिकेशन नई दिल्ली, सदस्य इंदौर लेखिका संघ

साहित्यिक गतिविधियां-
दो पुस्तकें गीत संग्रह --आस्था के पुंज  और काव्य संग्रह  समुद्र के सीप  का प्रकाशन हो चुका है

अन्य प्रकाशनार्थ संग्रह में - दो गजल संग्रह दो कहानी संग्रह एक काव्यसंग्रह ,दोहा वली व निबंध संग्रह तैयार हैं अनेक पत्र पत्रिकाओं में प्रकाशन होता रहता है ,                                जे एम डी पब्लिकेशन की लगभग दस  पुस्तकों में रचनाओं का प्रकाशन ,
माञभाषा डॉट कॉम पर निरंतर रचनाओं का प्रकाशन

सम्मान--- शब्द शिल्पी सम्मान , भाषा सम्मान,  हिंदी साहित्य सम्मान , भारत की सर्वश्रेष्ठ कवित्री सम्मान  ,काव्य श्री सम्मान हिंदी सेवा सम्मान नई दिल्ली एवं साहित्य सेवा सम्मान भिलाई
आकाशवाणी छतरपुर व इंदौर से रचनाओं का 18 वर्षों से प्रसारण भोपाल दूरदर्शन पर काव्य पाठ
दैनिक भास्कर भोपाल द्वारा आर्टिकल हेतु दो बार पुरस्कृत,मुक्ता पञिका में कहानी हेतु पुरस्कृत

सामाजिक संस्थाओं में सभी पदों पर पुरस्कृत
तीन संस्थाओं में बेस्ट प्रेसीडेंट अवार्ड से सम्मानित  , 
कनाडा से बेस्ट  इम्यूनाइजेशन   पुरस्कार

अन्य उपलब्धियां ड्रेस डिजाइनर हेंडीक्राफ्ट आर्ट ब्यूटीशन आदि
पूर्व संचालिका --अंकुर कला केंद्र एवंओशन - बुटीक
पूर्व पद-- पब्लिक रिलेशन ऑफिसर विद्यासागर कॉलेज

लेखन का उद्देश्य प्रेरणा देना, सामाजिक विघटन रूढ़ियों को दूर करना, सकारात्मक विचार धारा द्वारा जीवन और विकास को नई दिशा नव गति देना ,सतना ऊर्जा का संचार करना ,सामयिक  समस्याओं के हल में विचारों द्वारा देश व समाज हित में योगदान देना

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