महामारी के दिनों में ...महेन्द्र देवांगन माटी के दोहे 1 "नया सवेरा"

 

 

नया सवेरा आ गया, जाग उठो इंसान ।
स्वागत कर लो भोर का, नहीं बनो शैतान ।।

खील गई है बाग में,  कलियाँ चारों ओर ।
चिड़िया चहके नीड़ में, मचा रही है शोर।।

टन टन घंटी बज रही, मंदिर जाते लोग ।
पूजा करते प्रेम से,  लेकर छप्पन भोग।।

कोरोना अब दूर हो, माँगे सब वरदान ।
संकट सबके टाल दो, दया करो भगवान ।।

माटी को अब चूमकर, "माटी" तिलक लगाय।
इस माटी से प्रेम है, प्राण इसी में जाय।।

 

महेन्द्र देवांगन माटी  (शिक्षक)
mahendradewanganmati@gmail.com

पंडरिया छत्तीसगढ़
8602407353

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