... ON BORROWING a BOOK VS BUYING IT

""When you buy it, you are promoting the literature of your country.""

the "woman series"

"Woman's virtue is Man's greatest invention ..."

चार प्रबल लेखिकाओं के चार कहानी संकलन

देवी नागरानी की हर कथा अपने पात्रों और प्रसंग के सहारे आपको संवेदित करती है। ये कहानियाँ पढ़कर भूल जाने वाले कहानियाँ नहीं हैं। इन कथाओं में उतना ही कहा गया है जितना अनिवार्य है। इन्हें पढ़ने के बाद इनके पात्र, घटनायें, संवाद, और विचार पाठक के साथ उठते-बैठते हैं। अपनी बात के मर्म को स्पष्टता के साथ पाठक के मर्म तक पहुँचाने की कला में लेखिका सिद्धहस्त हैं। 

पेपरबैक - ₹ 250

किंडल - ₹ 150

सरला जी को कभी नहीं लगा कि वो एक लेखिका हैं. फिर भी जो इनकी कहानियाँ पढ़ता है, गुम हो जाता है, रम जाता है इनकी सपनों की दुनिया में. आप भी हो जाएँगे.

ऐसा नहीं है कि इनकी कहानियों में वे सब द्वंद्व नहीं जो मानव जीवन के अपृथक अंग बन कर कहीं से भी, कभी भी पनप उठते हैं ... नहीं, वो सब विलक्षण इनकी कहानियों में मौजूद हैं, पर सरला जी तो किसी अद्भुत जगह, अपने किसी सुगम उपवन में भटक कर अपने सब गीत रचती हैं, वही गीत जब तक हमारे सामने आते हैं, कहानियों का रूप धारण कर आते हैं. ऐसी कहानियों का संकलन है “दिवास्वप्न.”

पेपरबैक - ₹ 250

किंडल - ₹ 150

जया जादवानी हिंदी की चर्चित और प्रतिभाशाली कथाकार हैं. लगभग तीन दशकों से कथा लेखन में लगातार सक्रिय जया जादवानी ने बिना किसी शोर के स्त्री विमर्श के अत्यंत महत्वपूर्ण पक्षों और प्रायः विस्मृत अथवा तिरस्कृत आयामों को बड़ी शिद्दत से अपनी कहानियों में रेखांकित किया है. रोज़मर्रा के स्त्री जीवन की विडम्बनाओं और विषमताओं को बेहद प्रभावी ढंग से अपनी रचनाओं के माध्यम से प्रस्तुत किया है. संगीत के स्वरों और रागों के मानिंद उनकी भाषा कहानियों को रसमय बनाती है.

पेपरबैक - ₹ 250

किंडल - ₹ 150

“मेरे यहां स्त्री पर हावी पुरुष मानसिकता को ले कर एक आक्रोश है. यह आक्रोश विश्व-पटल पर फैलती स्त्री चेतना और मज़बूती का प्रतीक है.” तबस्सुम फ़ातिमा कहती हैं. “हम उसे हर बार सपने देखने से पहले ही मार देते हैं ...”

लेकिन शायद गुस्से से भी ज़्यादा तबस्सुम फातिमा में संवेदना है, तभी उनकी एक-एक कहानी दमदार होती है.

पेपरबैक - ₹ 250

किंडल - ₹ 150

 

"दिवास्वप्न दिल को छू गई ... एक अध्यापक जो अच्छे से हमें समझाए, हमारा आदर करे, एक प्रतिभाषाली छात्रा -- ऐसे में आकर्षण एक सहज प्रक्रिया है, और समाज की सीमाओं का भी मूल्य है. ऐसे विषय पर इतना स्पष्ट लिख पाना दिलेरी का काम है. ऐसे विषय पर लिखी कहानी के लिए "अच्छी लगी" का प्रयोग भी अटपटा लगता है ... The craft of structuring the story, and the "voice" a story has is beautiful too ― one of the primary reasons why I am reading the book, to learn these things. "एहसास" की भीनी खुशबू भी बहुत प्यारी लगी ... आखिरी कहानी, कविता की भाषा में। शीर्षक से लेकर कहानी की कितने वाक्य में "सुनहरी चादर-सी तनी धूप छोटे-छोटे तिकोने टुकड़ों में बदल गई थी, जिनको हर बार मुट्ठी में बंद कर लेने की कोशिश में सुरेश की हथेलियाँ लहूलुहान हो चुकी थीं." ― और कहानी का विषय देशभर में कई युवाओं की कहानी। Education और डिग्री का टूटा हुआ वादा ― and the increased challenge of being over qualified. पुरी पुस्तक कितनी विभिन्न भावनाओं और अनुभवों की सुन्दर प्रस्तुति। संवेदना ― a key attribute of literature.  इस अनुभव के लिए एक कोमल कृतज्ञता" --- वाणी मुरारका
एडमिन ई-पत्रिका 'काव्यालय'

"कहानी संग्रह "दिवास्वप्न" को पढ कर मैं अपने अतीत में खो गया. आपने जिस तरह अपनी कहानियों में उस समय की सामाजिक एवं पारिवारिक समस्याओं का सजीव चित्रण किया है, वह वास्तव में सराहनीय है ... "
-- अशोक सिन्हा

" ...the characters (in Divaswapna) are very well developed,their emotions,physical attributes,mentality are beautifully conveyed in the stories ... Most of the Mashakganj family members should realise that they are a part of very rich cultural heritage and feel proud about it.I do ... I would suggest that this book is a must read,it is beautifully crafted."