top of page

नमन

  • - नितिन चौरसिया
  • 15 अग॰ 2017
  • 1 मिनट पठन

ऐ भारत के अमर सपूतों तुम्हें नमन,

ऐ भारत के उद्धारक गण तुम्हे नमन ।।

नमन तुम्हें हे आजादी के उद्घोषक !

नमन तुम्हें हे सम्भावों के पोषक !

नमन तुम्हे आजादी के 70 सालों पर,

नमन तुम्हे बढ़ते भारत के भालों पर,

नमन तुम्हे इस विभिन्नता के भारत पर,

नमन तुम्हें इस समरसता के भारत पर,

नमन तुम्हे आजादी की अलख जगाने पर,

नमन तुम्हे लड़कर आजाद कराने पर,

नमन तुम्हे हे शान्तिदूत ! हे महात्मा !

नमन तुम्हें है उचित मार्ग दिखलाने पर,

ऐ भारत के तिमिर विनाशक तुम्हे नमन,

ऐ भारत स्वाधीनता नायक तुम्हे नमन ।।

- नितिन चौरसिया

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें

आपके पत्र-विवेचना-संदेश
 

ई-मेल में सूचनाएं, पत्रिका व कहानी पाने के लिये सब्स्क्राइब करें (यह निःशुल्क है)

धन्यवाद!

bottom of page