top of page

मेरी कविता

  • मुकेश कुमार ऋषि वर्मा
  • 4 सित॰ 2019
  • 1 मिनट पठन

राजनेताओं की चाटुकारिता नहीं

मेरी कविता

प्रेमिका का चाँद-तारों वाला श्रृंगार नहीं

मेरी कविता

धर्म-जाति, मजहब का भेद नहीं

मेरी कविता

स्वार्थ की चार दिवारी वाली कैद नहीं

मेरी कविता

हास्य के नाम पर फूहड़ता नहीं

मेरी कविता

मंचीय लिफाफों की मोहताज नहीं

मेरी कविता

कोई सुर, ताल, लय गीत नहीं

मेरी कविता

दिख जाते जहाँ कहीं वेवश बहते आँसू

वहीं बन जाती मेरी कविता

बेरोजगारी, भ्रष्टाचार से जन-जन लाचार

सड़ा-गला सिस्टम बेकार

नित-नित होते बलात्कार

शासन के अत्याचार

मानवता की होती हार

मंहगाई की पड़ती मार

मेरी कविता है तलवार |

- मुकेश कुमार ऋषि वर्मा

ग्राम रिहावली, डाक तारौली,

फतेहाबाद, आगरा, 283111

mukesh123idea@gmail.com

हाल ही के पोस्ट्स

सभी देखें

टिप्पणियां

5 स्टार में से 0 रेटिंग दी गई।
अभी तक कोई रेटिंग नहीं

रेटिंग जोड़ें

आपके पत्र-विवेचना-संदेश
 

ई-मेल में सूचनाएं, पत्रिका व कहानी पाने के लिये सब्स्क्राइब करें (यह निःशुल्क है)

धन्यवाद!

bottom of page