जीवन के आठवें  साल में

प्रवेश करने पर

बच्चे को गोद में उठाया मां ने।

और कहा - "मेरे लाल! 

तुझे देने के लिए इस वक्त 

मेरे पास कुछ भी नहीं रहा

परंतु 

आज मैं तुझे दे रही हूं वही 

जो लव कुश को दिया मां सीता ने

और पार्थ को गीता ने।

जिसे कहते हैं जीवन-मूल्य।

यही होगा उपहार

तेरे लिए अमृत तुल्य।

कभी किसी निर्दोष पर

...

किताब सी है जिंदगी मेरी

गर तुम इसे पढ़ना चाहो,

तो पढ़ सकते हो

क्योंकि, वेदना और विरह

से भरी इसमे कहानी है मेरी

किताब सी है जिंदगी मेरी

इसमे शामिल है वह यादें

जिसे मैंने संजोया है

अपनी जिंदगी के पन्नों में,

बस कभी खुद ही पढ़ 

लिया करता हूँ उन पन्नो को

क्योंकि, इसमे कहानी है मेरी

किताब सी है जिंदगी मेरी

कभी तुम्हें फ...

            

   

अचानक विमल कुमार की रचनाएं संपादकीय कार्यालयों से गुम होने लगीं। लम्बे इंतजार के बाद जब पता करता तो संपादक बोलते, रचना मिली ही नहीं। कई बार लिफाफा फटने से रचना गिर जाती है, संपादकीय कार्यालय से तर्क दिया जाता।

क्या उसी का...

खिड़की से आती गर्म खामोश बयार मानो आत्मा को कचोट रही थी. तन्हाई का आलम ऐसा था. की साए-साए की आवाजों से हर कोई भयभीत हो रहा था. सुबह का सन्नाटा मानो दोपहर के दो बजे का एहसास करवा रहा था.

सेठ ताराचंद का आलीशान बंगला आज पूरे कॉलोनी में मशहूर था. करोड़पति  ताराचंद के यहां अनेक नौकरों की लाइन लगी रहती थी...

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